हौज़ा न्यूज़ एजेंसी ! हारून बिन फ़ज़्ल कहते हैं: मैंने इमाम हादी (अ) को उस दिन देखा जिस दिन इमाम जवाद (अ) का निधन हुआ। उन्होंने कहा: «إِنَّا لِلَّهِ وَ إِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ» (हम अल्लाह के हैं और उसी की ओर लौटकर जाने वाले हैं), अबू जाफ़र (इमाम जवाद) (अ) का देहांत हो गया। उनसे पूछा गया: आपको कैसे पता चला? उन्होंने फरमाया: "मेरे दिल में अल्लाह के लिए एक ऐसी विनम्रता और नम्रता (ज़िल्लत) समा गई जिसे मैं पहले नहीं जानता था।" इमामत (नेतृत्व) के पद के लिए अल्लाह की परम पहचान और उसके प्रति पूर्ण विनम्रता आवश्यक है।
عَنْ هَارُونَ بْنِ اَلْفَضْلِ قَالَ: رَأَیْتُ أَبَا اَلْحَسَنِ عَلِیَّ بْنَ مُحَمَّدٍ فِی اَلْیَوْمِ اَلَّذِی تُوُفِّیَ فِیهِ أَبُو جَعْفَرٍ عَلَیْهِ اَلسَّلاَمُ فَقَالَ «إِنّٰا لِلّٰهِ وَ إِنّٰا إِلَیْهِ رٰاجِعُونَ» مَضَی أَبُو جَعْفَرٍ عَلَیْهِ اَلسَّلاَمُ فَقِیلَ لَهُ وَ کَیْفَ عَرَفْتَ قَالَ لِأَنَّهُ تَدَاخَلَنِی ذِلَّةٌ لِلَّهِ لَمْ أَکُنْ أَعْرِفُهَا
हारून बिन फ़ज़्ल : "मैंने इमाम हादी (अ) को उस दिन देखा जिस दिन इमाम जवाद (अ) की शहादत हुई। उन्होंने कहा: 'इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेऊन', अबू जाफ़र (अ) का निधन हो गया। उनसे कहा गया: आपको कैसे पता चला? उन्होंने फरमाया: 'क्योंकि मेरे अंदर अल्लाह के लिए एक विनम्रता और नम्रता समा गई जिसे मैं पहले नहीं जानता था।'"
शब्दार्थ और स्पष्टीकरण:
शब्द "تَدَاخَلَنِي" (तदाख़लनी) का अर्थ है "उसने मुझे अपने अंदर समा लिया" या "मुझ पर छा गया", और इसमें अतिशयोक्ति (मुबालग़ा) का भाव है।
मरहूम अल्लामा मजलिसी इस संबंध मे फ़रमाते हैः
चूँकि इमामत मनुष्य के लिए कमाल की सबसे ऊँची मंज़िल है, और यह अल्लाह की परम पहचान पर आधारित है, और यह पहचान अल्लाह के प्रति परम नम्रता, विनम्रता और अधीनता पर आधारित है – इसलिए इमाम हादी (अ) ने इस अवस्था के घटित होने को ही अपनी इमामत के घटित होने का प्रमाण बताया।
स्रोत: अल-काफ़ी, भाग 1, पेज 381; मिरातुल उक़ूल, भाग 4, पेज 240
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